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अध्याय 8: हमारे स्कूल के वास्तविक उदाहरण - केस स्टडीज़
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अध्याय 8: हमारे स्कूल के वास्तविक उदाहरण - केस स्टडीज़

अध्याय 8: हमारे स्कूल के वास्तविक उदाहरण - केस स्टडीज़

मुझे गर्व है कि मैं आज आपके सामने हमारे स्कूल, The Base Neo School, Haldwani, Uttarakhand, के कुछ वास्तविक उदाहरण साझा कर रहा हूँ। हमारा स्कूल Pre-Primary से Class VI तक के बच्चों को एक ऐसी शिक्षा देता है, जो entrepreneurship के इर्द-गिर्द घूमती है। हमारा मानना है कि हर बच्चे में एक entrepreneur छुपा होता है, और हमारी JEP पद्धति इसी को उजागर करने का काम करती है। आज मैं आपको कुछ ऐसे बच्चों की कहानियाँ सुनाऊँगा, जिन्होंने हमारे स्कूल में रहते हुए अपनी creativity, problem-solving skills और leadership qualities को निखारा है।

पहला उदाहरण: एक छोटे से आइडिया की बड़ी उड़ान

हमारे स्कूल में एक 5 साल की बच्ची थी, जिसका नाम मैं यहाँ गोपनीयता की वजह से नहीं बता सकता। इस बच्ची ने हमारे JEP सेशन के दौरान एक छोटा सा business idea सोचा। उसने देखा कि उसके दोस्तों को स्कूल में लंच के दौरान अपने टिफिन से खाना गिरने की समस्या होती थी। उसने सोचा कि क्यों न एक ऐसा product बनाया जाए जो टिफिन को साफ रखे। हमारे शिक्षकों ने उसकी इस सोच को प्रोत्साहित किया और उसे एक साधारण prototype बनाने में मदद की—एक छोटा सा कपड़े का कवर जो टिफिन के ढक्कन पर फिट हो जाता था।

इस बच्ची ने न केवल एक समस्या को पहचाना, बल्कि उसका समाधान भी निकाला। हमने उसे एक छोटे से classroom market में अपने इस product को पेश करने का मौका दिया। उसने अपने दोस्तों को बताया कि यह कवर कैसे काम करता है और क्यों यह उपयोगी है। मुझे यह देखकर बहुत खुशी हुई कि उसकी कक्षा के कई बच्चों ने उससे यह कवर खरीदने में रुचि दिखाई। यहाँ तक कि उसने अपने product के लिए कुछ सुझाव भी लिए और उसे बेहतर करने की कोशिश की। यह एक छोटा सा कदम था, लेकिन इसने उस बच्ची में confidence और entrepreneurial mindset को जागृत किया।

दूसरा उदाहरण: गणित और व्यवसाय का अनोखा मेल

हमारे JEP approach में हम हर विषय को entrepreneurship के नजरिए से पढ़ाते हैं। एक बार Class III के एक छात्र ने mathematics की कक्षा में कुछ ऐसा किया जो हमें हैरान कर गया। हम उसे सिखा रहे थे कि कैसे addition और subtraction का उपयोग business calculations में किया जा सकता है। इस छात्र ने अपने घर पर एक छोटी सी lemonade stand की शुरुआत की। उसने अपनी गणना की कि एक गिलास नींबू पानी बनाने में कितना खर्च आता है—नींबू, चीनी, पानी, और गिलास का दाम। फिर उसने यह तय किया कि उसे कितने में बेचना चाहिए ताकि profit हो।

उसने अपने इस छोटे से venture से न केवल गणित की समझ को मजबूत किया, बल्कि customer interaction और money management भी सीखा। हमने स्कूल में एक mini fair का आयोजन किया, जहाँ उसने अपनी stand लगाई और अपने दोस्तों व शिक्षकों को नींबू पानी बेचा। मुझे यह देखकर गर्व हुआ कि उसने न केवल profit कमाया, बल्कि यह भी सीखा कि ग्राहकों की प्रतिक्रिया कैसे सुनी जाती है और अपने product को कैसे बेहतर किया जाता है।

तीसरा उदाहरण: पर्यावरण और उद्यमिता का संगम

हमारे स्कूल में हम बच्चों को social responsibility के साथ-साथ entrepreneurship सिखाने पर भी ध्यान देते हैं। Class V की एक छात्रा ने एक बार हमारे JEP सेशन में यह सुझाव दिया कि हमें स्कूल में इस्तेमाल होने वाले कागज के कचरे को recycle करना चाहिए। उसने एक छोटी सी initiative शुरू की, जिसमें उसने अपने सहपाठियों के साथ मिलकर पुराने नोटबुक पेजों से handmade bookmarks बनाए। इन bookmarks को उसने स्कूल के एक event में बेचा और उससे मिले पैसे को स्कूल के green club में दान कर दिया।

यह देखकर मुझे बहुत खुशी हुई कि उसने न केवल एक business idea को लागू किया, बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझा। उसकी इस पहल ने अन्य बच्चों को भी प्रेरित किया कि वे अपनी creativity का उपयोग करके समाज के लिए कुछ अच्छा कर सकते हैं।

हमारा विज़न और आपसे अपील

हमारा स्कूल, The Base Neo School, इस बात में विश्वास करता है कि entrepreneurship की शुरुआत 3 साल की उम्र से होनी चाहिए, न कि 30 की उम्र में। हमारी टैगलाइन—"Entrepreneurship Starts at 3, Not at 30!"—इसी सोच को दर्शाती है। St. Lawrence Sr. Sec. School की विरासत के साथ, हमारा लक्ष्य है कि हर बच्चा एक confident leader बने, जो न केवल अपनी समस्याओं का समाधान कर सके, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बने।

मैं सभी माता-पिता और शिक्षकों से अपील करता हूँ कि वे अपने बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखें। उन्हें ऐसी शिक्षा दें जो उनकी creativity, critical thinking और problem-solving skills को बढ़ाए। हमारे स्कूल में हम यह कोशिश करते हैं कि हर बच्चा अपनी क्षमता को पहचाने और उसे सही दिशा में ले जाए।

Every child has a spark of entrepreneurship; we just need to nurture it with the right environment and guidance.

मुझे उम्मीद है कि इन केस स्टडीज़ से आपको यह समझ आया होगा कि हम अपने बच्चों को किस तरह से तैयार कर रहे हैं। यदि आप भी अपने बच्चे के लिए एक ऐसी शिक्षा चाहते हैं जो उसे भविष्य के लिए तैयार करे, तो हमसे संपर्क करें। हमारा स्कूल आपके बच्चे के सपनों को पंख देने के लिए तैयार है।

Mr. Anil Joshi, Chairman - St. Lawrence & The Base Neo School
Mr. Anil Joshi, Chairman - St. Lawrence & The Base Neo School
The Base Neo School

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