The Base Neo School | Entrepreneurship Starts at 3
0%
Home
About Us
Admission
Founder Message Enroll Now
60% Life Skills, 30% Academics, 10% Passion – Future School Mode
👨‍👩‍👧 Parenting Tips

60% Life Skills, 30% Academics, 10% Passion – Future School Mode

60% Life Skills, 30% Academics, 10% Passion – Future School Model

60% Life Skills, 30% Academics, 10% Passion – भविष्य का स्कूल मॉडल

मेरा मानना है कि शिक्षा का असली मकसद सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को जीवन के लिए तैयार करना है। आज के दौर में, जहाँ दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है, हमें एक ऐसे स्कूल मॉडल की जरूरत है जो बच्चों को न केवल academics में मजबूत करे, बल्कि life skills और उनके passion को भी प्राथमिकता दे। मैंने अपने अनुभव और अध्ययन के आधार पर एक नया मॉडल सोचा है – 60% life skills, 30% academics और 10% passion। यह मॉडल हमारे स्कूल, The Base Neo School, Haldwani में भी JEP approach के जरिए लागू हो रहा है।

60% Life Skills – जीवन की सबसे बड़ी जरूरत

मैंने अक्सर देखा है कि बच्चे किताबों में तो अच्छे नंबर लाते हैं, लेकिन जब असल जीवन की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, तो वे घबरा जाते हैं। इसका कारण यह है कि हमने उन्हें problem-solving, decision-making, communication और financial literacy जैसी skills सिखाने पर ध्यान ही नहीं दिया। मेरे हिसाब से शिक्षा का 60% हिस्सा इन्हीं life skills पर केंद्रित होना चाहिए।

The Base Neo School में हमने JEP approach के जरिए यह सुनिश्चित किया है कि बच्चे छोटी उम्र से ही entrepreneurial mindset विकसित करें। उदाहरण के तौर पर, हम mathematics को सिर्फ numbers तक सीमित नहीं रखते, बल्कि इसे business calculations और budget planning से जोड़ते हैं। इससे बच्चे न केवल गणित सीखते हैं, बल्कि यह भी समझते हैं कि पैसे का प्रबंधन कैसे करना है।

30% Academics – ज्ञान की नींव

यह कहना गलत होगा कि academics महत्वपूर्ण नहीं हैं। किताबी ज्ञान बच्चों के लिए एक मजबूत नींव का काम करता है। लेकिन मेरा विश्वास है कि इसे शिक्षा का सिर्फ 30% हिस्सा होना चाहिए। हमें यह समझना होगा कि हर बच्चा अलग है। कुछ बच्चे science में रुचि रखते हैं, तो कुछ को history पसंद है। हमें उनकी रुचि को ध्यान में रखते हुए academics को practical learning से जोड़ना होगा।

हमारे स्कूल में, हम academics को entrepreneurship के नजरिए से पढ़ाते हैं। मसलन, अगर बच्चे geography पढ़ रहे हैं, तो हम उन्हें यह भी सिखाते हैं कि किसी क्षेत्र की जलवायु और संसाधन कैसे एक business opportunity बन सकते हैं। इससे बच्चे न केवल किताबी ज्ञान हासिल करते हैं, बल्कि उसे असल जिंदगी से जोड़ना भी सीखते हैं।

10% Passion – सपनों को उड़ान देना

मुझे लगता है कि हर बच्चे के अंदर एक अनोखा passion होता है, जिसे पहचानना और निखारना हमारी जिम्मेदारी है। चाहे वह painting हो, music हो, sports हो या कोई और क्षेत्र, हमें बच्चों को उनके सपनों को जीने का मौका देना चाहिए। मेरा मानना है कि शिक्षा का 10% हिस्सा इस passion को समर्पित होना चाहिए।

हमारे स्कूल में, हम बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार गतिविधियाँ चुनने की आजादी देते हैं। हमारा उद्देश्य यह है कि बच्चा जो भी करे, उसमें पूरे मन से करे और उसे करने में खुशी महसूस करे। जब बच्चे अपने passion को follow करते हैं, तो उनमें confidence और creativity अपने आप बढ़ने लगती है।

क्यों जरूरी है यह मॉडल?

आज की दुनिया में competition इतना बढ़ गया है कि सिर्फ डिग्री या नंबरों से काम नहीं चलेगा। बच्चों को ऐसे स्कूलों की जरूरत है जो उन्हें all-rounder बनाएं। मेरा सपना है कि The Base Neo School के हर बच्चे में वह आत्मविश्वास हो कि वे किसी भी परिस्थिति में सफल हो सकें। हमारी tagline, "Entrepreneurship Starts at 3, Not at 30!" इसी सोच को दर्शाती है।

मैं यह मानता हूँ कि अगर हम बच्चों को सही समय पर सही skills सिखा दें, तो वे न केवल अपने लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक बेहतर भविष्य बना सकते हैं।

St. Lawrence Sr. Sec. School की legacy को आगे बढ़ाते हुए, हमने The Base Neo School में यह सुनिश्चित किया है कि हर बच्चा Pre-Primary से ही एक confident leader बनने की दिशा में कदम बढ़ाए। हमारा JEP approach इसी मॉडल का आधार है, जहाँ हम life skills, academics और passion को संतुलित तरीके से बच्चों तक पहुँचाते हैं।

माता-पिता और शिक्षकों से एक अपील

मैं सभी माता-पिता और शिक्षकों से कहना चाहूँगा कि हमें बच्चों के brain development और उनके व्यक्तित्व पर ध्यान देना होगा। यह सही है कि 90% brain development 5 साल की उम्र तक हो जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम बाद में कुछ नहीं कर सकते। हमें बच्चों को छोटी उम्र से ही सही दिशा देनी होगी।

  • उन्हें गलतियों से सीखने का मौका दें।
  • उनके passion को पहचानें और उसे बढ़ावा दें।
  • academics के साथ-साथ life skills पर भी जोर दें।

मेरा विश्वास है कि अगर हम सब मिलकर इस 60-30-10 मॉडल को अपनाएँ, तो हम आने वाली पीढ़ी को न केवल सफल, बल्कि खुशहाल भी बना सकते हैं। आइए, हम सब मिलकर बच्चों के भविष्य को एक नई दिशा दें।

Mr. Anil Joshi, Chairman - St. Lawrence & The Base Neo School
Mr. Anil Joshi, Chairman - St. Lawrence & The Base Neo School
The Base Neo School

💬 Comments 0

Abhi koi comment nahi hai. Pehle comment karo! 🎉

💬 Do you agree with what we shared?

We'd love to hear your thoughts! Drop a comment below and let us know — your feedback helps us grow. 🌱

Leave a Comment

Aapka comment admin approval ke baad publish hoga.