छोटी उम्र में leadership और creativity को कैसे बढ़ावा दें
मैंने हमेशा देखा है कि जब बच्चे बहुत छोटे होते हैं, तब उनके अंदर leadership और creativity की सबसे मजबूत नींव रखी जा सकती है। तीन से बारह साल की उम्र में बच्चे जितना सीखते हैं, उतना बाद में शायद ही कभी सीख पाएं। इसी वजह से The Base Neo School में हमारा पूरा फोकस इसी उम्र पर है।
मस्तिष्क का विकास और सही समय
Brain development की बात करें तो नब्बे प्रतिशत विकास पाँच साल की उम्र तक हो जाता है। इस दौरान अगर हम बच्चों को सही अवसर दें, तो वे leadership qualities और creativity दोनों को स्वाभाविक रूप से विकसित कर लेते हैं। जब मैं छोटे बच्चों को देखता हूँ, तो मुझे एहसास होता है कि हर बच्चे में एक leader और एक creative thinker छुपा होता है। बस जरूरत होती है उसे बाहर आने का मौका देने की।
रोजमर्रा की गतिविधियों से leadership सिखाना
हमारे JEP approach में हम बच्चों को छोटी-छोटी जिम्मेदारियाँ देते हैं। जैसे कक्षा में छोटे प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व करना, दोस्तों के साथ समूह बनाकर निर्णय लेना, या अपनी कक्षा के नियम खुद बनाना। इन गतिविधियों से बच्चे सीखते हैं कि leadership का मतलब दूसरों पर हावी होना नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर आगे बढ़ना है।
- बच्चों को रोज अपनी पसंद का एक छोटा सा काम चुनने का अधिकार देना
- समूह चर्चा में हर बच्चे की राय को महत्व देना
- असफलता को सीखने का मौका बताना, न कि डांटने का विषय
Creativity को बढ़ावा देने के तरीके
Creativity तब फलती-फूलती है जब बच्चों को खुलकर सोचने की आजादी मिले। The Base Neo School में हम mathematics को business calculations से जोड़ते हैं, science को छोटे-छोटे आविष्कारों से जोड़ते हैं और language को कहानी सुनाने और नई कहानियाँ गढ़ने से जोड़ते हैं। जब बच्चे अपनी कल्पना को शब्दों या चित्रों में बदलते हैं, तो उनकी creativity खुद-ब-खुद बढ़ती है।
Creativity and leadership both grow when children are allowed to ask 'why' and 'what if' without fear of being wrong.
JEP के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव
JEP का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बच्चों को सैद्धांतिक ज्ञान से आगे ले जाकर व्यावहारिक अनुभव देता है। Pre-Primary से Class VI तक के बच्चे छोटे-छोटे उद्यम चलाते हैं, जैसे कक्षा में स्टॉल लगाना, अपनी रचनाओं को बेचना, या सामुदायिक परियोजनाओं में भाग लेना। इन अनुभवों से वे leadership skills के साथ-साथ समस्या सुलझाने की क्षमता भी विकसित करते हैं।
माता-पिता और शिक्षकों की भूमिका
घर और स्कूल दोनों जगहों पर बच्चों को सुनने वाला माहौल बनाना जरूरी है। जब माता-पिता अपने बच्चों की बातें ध्यान से सुनते हैं और उन्हें अपनी राय देने का मौका देते हैं, तो बच्चे खुद को महत्वपूर्ण महसूस करते हैं। स्कूल में भी हम शिक्षकों को निर्देश देते हैं कि वे बच्चों के हर नए विचार को प्रोत्साहित करें, भले ही वह विचार कितना भी असामान्य क्यों न हो।
The Base Neo School का दृष्टिकोण
The Base Neo School, Haldwani में हमारी कोशिश यही है कि हर बच्चा एक confident leader और creative thinker बने। हमारी विरासत St. Lawrence Sr. Sec. School की है, लेकिन हमारी नजर भविष्य पर है। Entrepreneurship Starts at 3, Not at 30! — यही हमारा मूल मंत्र है।
जब बच्चे छोटी उम्र से leadership और creativity सीखते हैं, तो वे न सिर्फ अच्छे विद्यार्थी बनते हैं, बल्कि भविष्य के जिम्मेदार नागरिक भी बनते हैं। मैं चाहता हूँ कि हर अभिभावक और शिक्षक इस दिशा में छोटे-छोटे कदम उठाएँ, क्योंकि इन्हीं कदमों से बड़े बदलाव आते हैं।
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